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‘टॉलीवुड की रेखा’ मिथु मुखर्जी का निधन, कैंसर से लड़ी लंबी जंग, दर्द में प्रोसेनजीत चटर्जी

 Written By: Jaya Dwivedie
 Published : Sep 21, 2026 02:34 pm IST,  Updated : Sep 21, 2026 02:34 pm IST

बंगाली सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री मिथु मुखर्जी का 71 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने बंगाली और हिंदी फिल्मों में कई यादगार किरदार निभाए। लंबे समय से बीमार मिथु 1990 की ‘आश्रिता’ के बाद फिल्मों से दूर थीं।

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मिथु मुखर्जी। Image Source : X/PROSENJIT CHATTERJEE

बंगाली सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री मिथु मुखर्जी का 71 साल की उम्र में निधन हो गया। अभिनेत्री ने 21 सितंबर को अंतिम सांस ली। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह पिछले काफी समय से गंभीर रूप से बीमार थीं और करीब एक साल से उनकी तबीयत लगातार खराब चल रही थी। बताया जा रहा है कि उन्होंने मुंबई के एक अस्पताल में कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद दम तोड़ दिया। मिथु मुखर्जी ने 1970 और 1980 के दशक में बंगाली और हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई थी। अपने दौर में उन्हें अक्सर ‘टॉलीवुड की रेखा’ भी कहा जाता था।

लंबे समय से लाइमलाइट से दूर थीं मिथु

मिथु मुखर्जी ने अपने करियर में कई यादगार फिल्मों में काम किया, लेकिन बाद के वर्षों में उन्होंने खुद को फिल्मी दुनिया और सार्वजनिक कार्यक्रमों से काफी दूर कर लिया था। वह बेहद निजी जिंदगी जी रही थीं और लंबे समय से सार्वजनिक तौर पर नजर नहीं आती थीं। बीमारी के दौरान भी उनके बारे में ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद बंगाली फिल्म इंडस्ट्री से लेकर हिंदी सिनेमा तक उनके चाहने वालों के बीच शोक की लहर है। मिथु मुखर्जी ने अपने करियर में उस दौर के कई बड़े कलाकारों के साथ स्क्रीन साझा की थी। उत्तम कुमार और सौमित्र चटर्जी जैसे दिग्गज अभिनेताओं के साथ काम करने वाली अभिनेत्री ने बंगाली सिनेमा में कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। उनकी अदाकारी और स्क्रीन प्रेजेंस ने उन्हें अपने दौर की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल किया।

‘शेष पर्व’ से शुरू हुआ था फिल्मी सफर

मिथु मुखर्जी ने साल 1972 में चित्त बोस की फिल्म ‘शेष पर्व’ से अभिनय की दुनिया में कदम रखा था। शुरुआती दौर में ही उन्हें अच्छे मौके मिलने लगे और जल्द ही वह बंगाली फिल्मों का जाना-पहचाना चेहरा बन गईं। हालांकि उन्हें बड़ी पहचान दिनेन गुप्ता की फिल्म ‘मरजीना अब्दुल्ला’ से मिली। इस फिल्म में उन्होंने मरजीना का मुख्य किरदार निभाया था और उनके अभिनय को दर्शकों ने खूब पसंद किया। इसके बाद मिथु मुखर्जी ने लगातार कई बंगाली फिल्मों में काम किया। ‘निशि कन्या’, ‘मौचाक’ और ‘स्वयंसिद्धा’ जैसी फिल्मों में उनके अलग-अलग किरदार देखने को मिले। इसके अलावा ‘होटल स्नो फॉक्स’, ‘भाग्यचक्र’, ‘संधि’, ‘फादर’ और ‘आश्रिता’ भी उनकी चर्चित फिल्मों में शामिल हैं।

हिंदी फिल्मों में भी बनाई पहचान

मिथु मुखर्जी ने सिर्फ बंगाली सिनेमा तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने हिंदी फिल्मों में भी अभिनय किया और कई चर्चित प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बनीं। उन्होंने दुलाल गुहा की फिल्म ‘खान दोस्त’ में काम किया। इसके अलावा बासु चटर्जी की ‘सफेद झूठ’ में भी वह नजर आई थीं। हिंदी सिनेमा में उनकी अन्य फिल्मों में ‘दिललगी’ और ‘दो लड़के दोनों कड़के’ शामिल हैं। हालांकि उनका ज्यादातर काम बंगाली फिल्मों में रहा, लेकिन हिंदी सिनेमा में उनकी मौजूदगी ने उन्हें देशभर के दर्शकों तक पहुंचाया।

1990 में आखिरी बार पर्दे पर आई थीं

1980 के दशक में ‘दुजाने’ में काम करने के बाद मिथु मुखर्जी ने फिल्मों से दूरी बना ली थी। कुछ समय तक उन्होंने अभिनय से ब्रेक लिया और 1990 में चंद्र बरोट की फिल्म ‘आश्रिता’ से पर्दे पर वापसी की। हालांकि यह वापसी उनकी आखिरी फिल्म साबित हुई। ‘आश्रिता’ के बाद मिथु मुखर्जी ने फिल्म इंडस्ट्री से पूरी तरह दूरी बनाने का फैसला किया। इसके बाद उन्होंने अपनी निजी जिंदगी को प्राथमिकता दी और सार्वजनिक जीवन से दूर रहीं। यही वजह है कि उनके बाद के वर्षों के बारे में बहुत कम जानकारी सामने आती रही।

फिल्म जगत ने दी श्रद्धांजलि

मिथु मुखर्जी के निधन की खबर के बाद ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। संगठन ने उनके लंबे फिल्मी सफर और बंगाली तथा हिंदी सिनेमा में दिए योगदान को याद किया। उनकी फिल्मों और अभिनय को भारतीय सिनेमा की यादगार विरासत का हिस्सा बताते हुए शोक व्यक्त किया गया। अभिनेता प्रसेनजीत चटर्जी ने भी अभिनेत्री के निधन पर दुख जताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि मिथु मुखर्जी के निधन की खबर बेहद दुखद है और उनकी यादें व उनका काम हमेशा लोगों के बीच जीवित रहेगा। मिथु मुखर्जी ने अपने करियर में भले ही एक समय के बाद फिल्मों से दूरी बना ली थी, लेकिन 1970 और 1980 के दशक में किए गए उनके काम ने बंगाली सिनेमा में एक खास जगह बनाई। उनके निधन के साथ उस दौर की एक चर्चित अभिनेत्री की कहानी का अंत हो गया।

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